By हितेश शर्मा
दुर्ग। जिले में डेंगू का कहर लगातार जारी है। जिले में आज डेंगू से 3 बच्चे के अलावा 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जिले में डेंगू के डंक से अब तक मरने वालों को संख्या 10 पहुच गई है, तो वहीं जिला प्रशासन अब भी घोर लापरवाही बरत रहा है।
दुर्ग और भिलाई के महापौर केवल सोशल मीडिया और वाट्सअप के जरिये ही डेंगू कंट्रोल करने की अपील कर रहे है। जिले के सरकारी अस्तपताल समेत निजी  अस्‍पतालों में मौजूदा हालात में 400 डेंगू के संदिग्ध मरीजों का इलाज जारी है, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग डेंगू के प्रकोप को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। लिहाजा डेंगू से लोगो का मौत का सिलसिला लगातार जारी है।

पहले इनकी हो चुकी मौत
  • 31 जुलाई 9 साल के साईं कुमार
  • 3 अगस्त-9 साल के रौनक साहू की मौत
  • 4 अगस्त-छावनी के 6 साल के यश जांगड़े की मौत
  • 5 अगस्त खुर्सीपार के 22 वर्षीय विक्की ब्रम्हे के मौत
  • 6 अगस्त-9 साल के रविकिशन की मौत
  • 7 अगस्त-9साल की दीपाली की मौत.

आज इनकी हो गई मौत
  • टोमेंद्र सेन, पिता अर्जन सेन, उम्र 21 साल, राजीव नगर, वार्ड 29, मंगलवार से मेकाहारा रायपुर में चल रहा था इलाज, मौत
  • प्रियंका, उम्र साढ़े 4 वर्ष, सड़क 12- 2 ए, जोन 1, खुर्सीपार, एम्स रायपुर में उपचार, मौत
  • दिनेश दलाई, उम्र 7 वर्ष, पिता- संतोष दलाई, 38-बी, खुर्सीपार, कक्षा पहली का छात्र
  • मिमांसा माही, उम्र- 13 वर्ष, पिता-अनिल साखरे, सड़क नंबर 26, क्वार्टर नंबर 2-एफ, सेक्टर 11, जोन 1 खुर्सीपार, सेक्टर 9 अस्पताल में मौत

क्‍या कहते हैं जिम्‍मेदार..?

इस संबंध में जब जिले के मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ सुभाष पांडेय से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्‍होंने कहा, कि अभी वे एक मीटिंग में हैं। जिला मलेरिया अधिकारी इस संबंध में विस्‍तृत बता देंगे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एसके मंडल ने कहा, कि अभी वे सेक्‍टर 4 में हैं, और प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को डेंगू की रोकथाम के लिए पूरी तरह लगा दिया गया है। मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को लगाकर घर-घर सर्वे किया जा रहा है। रोकथाम के हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं।

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