रायपुर। जीवीके के 102 महतारी एक्‍सप्रेस के टेंडर की अवधि आज खत्‍म हो रही है। अब तक यह कहा जा रहा था कि टेंडर अवधि में कर्मचारियों के हड़ताल के कारण जीवीके कंपनी अपने वैकल्पिक व्‍यवस्‍थाओं पर लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन टेंडर ही खत्‍म हो जाने की दशा में सरकार के पास 102 महतारी एक्‍सप्रेस का विकल्‍प आखिर क्‍या है? सूत्रों से पता चला है कि सरकार जीवीके कंपनी को 102 के लिए कुछ दिनों का एक्‍सटेंशन देने जा रही है। हालांकि यह एक्‍सटेंशन कितने दिनों का होगा, इसका पता फिलहाल नहीं चला है।
इस बावत जब The Voices  ने स्‍वास्‍थ्‍य संचालनालय के नोडल ऑफिसर डॉ. कमलेश जैन से बातचीत की, तो उन्‍होंने बताया कि टेंडर के खत्‍म होने के बाद आगे की व्‍यवस्‍था क्‍या होगी, इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
इस संबंध में जब स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के संचालक आर.प्रसन्‍ना से बातचीत की गई, तो उन्‍होंने इस बात की पुष्टि की, कि 102 का टेंडर खत्‍म होने की स्थिति में जीवीके को कुछ दिनों के लिए एक्‍सटेंशन दिया जा सकता है।
जीवीके प्रबंधन के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि 102 महतारी एक्‍सप्रेस के टेंडर की अवधि के एक्‍सटेंशन के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के साथ बातचीत जारी है।
आपको बता दें, कि 102 महतारी एक्‍सप्रेस का टेंडर आज 22 अगस्‍त को खत्‍म हो रहा है, जबकि 108 संजीवनी एंबुलेंस के लिए जीवीके के पास 2019 तक का टेंडर है।
दूसरी तरफ, 108-102 वाहनों के कर्मचारी अब भी आंदोलन पर हैं। आज आंदोलनकारी कर्मचारी एक बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में आंदोलन की नई रूपरेखा बनाई जा रही है। छत्‍तीसगढ़ 108-102 कर्मचारी कल्‍याण संघ के प्रांताध्‍यक्ष राजेन्‍द्र राठौर ने कहा है कि ‘ हमारा आंदोलन खत्‍म नहीं होने वाला है। राज्‍य सरकार और जीवीके अपनी वैकल्पिक व्‍यवस्‍थाओं के बारे में लाख बातें कर लें, लेकिन संजीवनी एंबुलेंस और महतारी एक्‍सप्रेस के परिचालन बंद होने के कारण लोग किस कदर परेशान हैं, उसे प्रमाणित करने की जरूरत नहीं है। आम आदमी परेशान हैं। 108-102 में आम नागरिक भी कॉल करके पता लगा सकते हैं, कि जीवीके की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कितनी मजबूत है। कर्मचारियों के आंदोलन के कारण पूरी व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त हो चुकी है।‘

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