रमन सरकार अब मक्‍का भी खरीदेगी, कैबिनेट में हुए कई अहम फैसले

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रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री डॉ रमनसिंह की अध्‍यक्षता में 27 अगस्‍त को हुई कैबिनेट की बैठक प्रदेश के किसानों के नाम रही। ज्‍यादातर फैसले कृषि से संबंधित हैं। राज्‍य सरकार ने पहली बार तय किया, कि धान की तरह यहां मक्‍के की भी खरीदी होगी और किसानों को समर्थन मूल्‍य दिया जाएगा। इसके अलावे भी कई महत्‍वपूर्ण फैसले कैबिनेट ने लिए।
जानकारी के अनुसार, आगामी खरीफ फसल की खरीदी के लिए धान के साथ-साथ मक्‍के की खरीदी के लिए भी कस्‍टम नीति बनाई गई है। धान के लिए आगामी खरीफ के लिए मूल्‍य निर्धारण किया गया है, जिसके तहत औसत अच्‍छे किस्‍म के धान की कीमत 1750 रुपए, ए-ग्रेड धान को 1770 रुपए और मक्‍के के लिए 1700 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
इस बार 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी। धान और मक्का दोनों का भुगतान किसानों के खाते में सीधे डिजिटल तरीके से किया जाएगा। कस्‍टम मिलिंग के लिए मिलर्स को मिलिंग चार्ज या प्रोत्‍साहन राशि दी जाएगी।
अन्‍य फैसलों में बिलासपुर यूनिवर्सिटी का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्‍व अटलबिहारी बाजपेयी के नाम पर होगा। जीएसटी लागू होने के बाद करों में एकरूपता की परिकल्‍पना को ध्‍यान में रखते हुए इमारती लकड़ी, अन्‍य काष्‍ठ और बांस पर 3 प्रतिशत को वन विकास उपकर भी अब खत्‍म कर दिया गया है।
2008 में सरगुजा में नक्‍सल मुठभेड़ के दौरान गोलियों की चपेट में आने तथा वहीं पदस्‍थापना के दौरान 2012 में दिवंगत आईजी बीएस मरावी (आईपीएस) के बेटे शिखर मरावी को फूड इंस्‍पेक्‍टर के रूप में अनुकंपा नियुक्ति देने का भी फैसला लिया गया है।
इसके अलावा, राजनांदगांव में नक्‍सल विरोधी अभियान में 53 बार सफल फायरिंग करने तथा 83 बार कम्‍युनिटी पुलिसिंग के जरिए नक्‍सलियों को सरेंडर कराने वाले इंस्‍पेक्‍टर अजीत ओगरे को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देते हुए डीएसपी पदोन्‍नत करने तथा 24 जनवरी 2018 को नारायणपुर में नक्‍सल मुठभेड़ में शहीद एसआई विनोद कौ‍शिक की पत्‍नी जयश्री कौ‍शि‍क को एसआई के रूप में अनुकंपा नियुक्ति देने का फैसला किया गया है।

फैसलों पर बिंदुवार एक नज़र : –

  •  खरीफ विपणन वर्ष  2018-19 के लिए समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी तथा कस्टम मिलिंग नीति का निर्धारण किया गया। इस संबंध में मंत्रिमण्डलीय उप समिति की अनुशंसाओं का अनुमोदन करते हुए नीति निर्धारित की गई।
  •  भारत सरकार द्वारा इस वर्ष 2018-19 के लिए औसत अच्छे किस्म के कॉमन धान के लिए 1750 रूपए और ए-ग्रेड धान के लिए 1770 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया गया है। मक्के के लिए 1700 रूप्ए प्रति क्ंिवंटल समर्थन मूल्य होगा।
  •  धान खरीदी सहकारी समिति के उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी नगद और लिंकिंग में 1 नवम्बर 2018 से शुरू की जाएगी और 31 जनवरी 2019 तक चलेगी। मक्के की खरीदी लिकिंग सहित 1 नवम्बर 2018 से 31 मई 2019 तक होगी। धान खरीदी की अधिकतम सीमा लिकिंग सहित 15 क्विंटल प्रति एकड़ और मक्का खरीदी की अधिकतम सीमा लिंिकंग सहित 10 क्विंटल प्रति एकड़ तय की गई है।
  •  उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष धान और मक्के की खरीदी 15 नवम्बर 2017 से शुरू की गई थी। इस वर्ष 15 दिन पहले 1 नवम्बर से शुरू की जा रही है।
  • धान उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। इस वर्ष पहली बार मक्का किसानों का भी पंजीयन करने का निर्णय लिया गया है। धान खरीदी की तरह ही मक्का खरीदी का भुगतान सीधे उनके खाते में डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
  • धान की कस्टम मिलिंग -विगत खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में भारत सरकार द्वारा अरवा कस्टम मिलिंग हेतु 10 रूपए प्रति क्विंटल तथा उसना कस्टम मिलिंग हेतु 20 रूप्ए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है। मंत्रिपरिषद ने आज यह निर्णय लिया कि मिलरों को खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में विगत वर्ष 2017-18 की तरह अरवा एवं उसना मिलिंग हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित मिलिंग दर के अतिरिक्त मिलिंग चार्जेस/ प्रोत्साहन राशि दी जाए।
  • बिलासपुर विश्वविद्यालय का नामकरण अटलबिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय करने हेतु छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2018 का अनुमोदन किया गया।
  •  छत्तीसगढ़ कराधान (संशोधन) अध्यादेश 2018 का अनुमोदन किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2017 से वस्तु एवं सेवा कर के  अन्तर्गत केन्द्रीय एवं राज्य करों को समाहित करने हुए करों में एकरूपता लाई गई है। इसके अन्तर्गत विभाग द्वारा इमारती लकड़ी एवं अन्य काष्ठ तथा बांस विक्रय पर अधिरोपित 3 प्रतिशत ’वन विकास उपकर’ को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में व्यापार व्यवसाय को एवं अतर्राज्यीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
  •  साधारण प्रकृति के प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिए जाने हेतु जारी निर्देशों का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया ।
  •  सरगुजा में नक्सल मुठभेड़ में वर्ष 2008 में घायल होने तथा वर्ष 2012 में सेवा में रहते हुए तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक श्री़ बी.एस. मरावी का निधन हो गया था, उनके सुपुत्र श्री शिखर मरावी को खाद्य निरीक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
  •  श्री अजीत ओगरे जिला राजनांदगांव को नक्सल विरोधी अभियान में 53 बार सफल फायरिंग और 83 बार सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाया गया था। वर्ष 2004 बैच के निरीक्षक श्री ओगरे को इसके लिए आउट ऑफ टर्न उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। इसी तरह नारायणपुर जिले के ईरपानार में 24 जनवरी 2018 को नक्सल मुठभेड़ में शहीद पुलिस उप निरीक्षक श्री विनोद कौशिक की पत्नी श्रीमती जयश्री कौशिक को पुलिस उपनिरीक्षक (अ) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी।

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