10वीं की छात्रा को बनाया मां, दुष्कर्मी को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

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पुनेश यादव
कांकेर। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करके मां बनाने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी के मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोष सही पाया। इसके बाद उसे 10 साल की सजा के साथ पांच सौ रुपये का अर्थदंड सुनाया है। मामला चारामा थानाक्षेत्र के ग्राम पिपरौद का है।
जानाकारी के मुताबिक साल 2016 को दीवाली के समय दोपहर 12 से 1 बजे गांव की 15 वर्षीय दसवीं में पढ़े वाली नाबालिग छात्रा के घर पर अकेली थी। उसी समय गांव का ही आकाश निषाद पिता बुधरूराम (22) पहुंचा। छात्रा को अकेली पाकर उसकी नियत खराब हो गई और डरा धमकाकर जबरन दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपी छात्रा को लगातार उसे और माता-पिता को मार देने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। डर के कारण छात्रा ने घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। इसी दौरान गर्भ ठहर जाने के बाद भी पीड़िता के माता -पिता को इसकी जानकारी हुई।
कुछ दिन बाद छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद परिजनों ने से 16 सितंबर 2017 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय चालान पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी हेमंत सराफ ने प्रकरण में गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी को सजा सुनाई गई।

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