प्रिया वारियर के खिलाफ एफआइआर खारिज, सुप्रीम कोर्ट पूछा- आंख मारने से आस्थाएं कैसे आहत हो सकती है?

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नई दिल्ली। अपने नैनों से पूरे देश में सुर्खियां बटोरने वाली तमिलअभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री के खिलाफ महाराष्ट्र और तेलंगाना में दर्ज एफआइआर को खारिज कर दिया है। की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण ने कहा कि किसी सूफी गीत पर फिल्माए गए एक गाने के दौरान आंख मारने से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों की धार्मिक आस्थाएं कैसे आहत हो सकती हैं।
कोर्ट ने कहा कि सूफी गाने में आंख मारने के पीछे उनकी कोई गलत भावना नहीं थी। उनका ऐसा करने के पीछे किसी की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। ऐसे में उन्हें आइपीसी की धारा 295-ए के तहत आरोपी नहीं बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि 18 साल की प्रिया प्रकाश वारियर की डेब्यू फिल्म ‘ओरु अदार लव’ के एक गाने के दौरान आंख मारकर रातों रात सोशल मीडिया सनसनी बन गयी थी। फिल्म के गाने ‘माणिक्य मलराय पूवी’ पर कुछ लोगों ने एतराज जताया था। इस सिलसिले में प्रिया और उनकी फिल्म के डायरेक्टर ओमर लुलू पर तेलंगाना के फलकनुमा और मुंबई में कई केस दर्ज किए गए थे। कुछ लोगों ने गाने से मुस्लिम भावनाओं को ठेस पहुंचने का आरोप लगाया था।

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