पत्रकारिता विवि कुलपति को हाईकोर्ट का नोटिस, नियुक्ति विवाद से जुड़ा है मामला

0
188

रायपुर। योग्य नहीं होने के बाद भी कुलपति बनाए जाने पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मानसिंह परमार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नोटिस दिया है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता के दिये चुनौती पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। नोटिस जारी होने के बाद पत्रकारिता विवि के कुलपति ने मामले चुप्पी साध ली है। मामले में कुछ भी बोलने से मना करते हुए कुलपति चलते बने।

गौरतलब है कि पत्रकारिता विश्वविद्दालय में इससे पहले भी नियुक्ति को लेकर विवाद हो चुका है। इस संबंध में लोक आयोग ने फिर से मेरिट लिस्ट जारी करने और पूर्व कुलपति के विरुध्द कार्यवाही की अनुशंसा भी की है।छत्तीसगढ़ शासन और उच्च शिक्षा विभाग के पास आज तक डॉ. परमार के अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।

डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में कुलपति नियुक्ति मामले में भेदभावपूर्वक नीति अपनाई जा रही है। विरोध करने के बावजुद भी कार्यवाही नहीं होने के कारण उन्हे उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। कोई भी व्यक्ति को कुलपति नियुक्त कर दिया जा रहा है, जो न्यूनतम योग्यता भी नहीं रखते। प्रकरण में विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. मानसिंह के साथ-साथ यूजीसी को भी पक्षकार बनाया गया है।

 

 

 

इन दलीलों पर जारी हुआ नोटिस
  • विश्वविद्दालय अनुदान के मुताबिक कुलपति बनने के लिये न्युनतम 10 साल तक प्रोफेसर के रूप में अनुभव रखना जरूरी है, लेकिन परमार अनुभव नहीं रखते।
  • विवि ने कुलपति के विज्ञापन विज्ञापन में पद के लिए जब आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे तो योग्य ना होने के बावजूद डॉ परमार ने आवेदन दाखिल किया था।
  • चयन समिति ने डॉ. परमार की योग्यता की जांच किए बिना कुलपति पद के लिए नाम अनुशंसित कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.