By शांतिलाल साहू
बिलासपुर। सिविल लाइन पुलिस ने ठगी के मामले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लोको पायलट पर जुर्म दर्ज किया है। आरोप है कि लोको पायलट ने रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का झांसा दिया और तीन लोगों से किश्तों में 12 लाख रुपए ऐंठ लिए। नौकरी नहीं लगने पर बेरोजगारों ने एसपी से शिकायत की। जांच में सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत को सही पाया है।
यदुनंदन नगर तिफरा निवासी काशीराम साहू का हरिओम दुबे से परिचय रहा है। हरिओम रेलवे में लोको पायलट के पद पदस्थ है। करीब चार साल पहले काशी राम की मुलाकात हरिओम से हुई। उस समय हरिओम ने उससे कहा कि रेल मंत्री और रेलवे भर्ती बोर्ड के अधिकारियों से उनकी अच्छी जान-पहचान है। उसने दावा किया कि वह अब तक 26 लोगों को नौकरी लगवा चुका है।
उसने काशीराम को मंत्री/जीएम कोटे से रेलवे में ग्रुप-डी पद पर नौकरी लगाने का झांसा दिया। उसके झांसे में आकर उसने अपने घर वालों को पूरी बात बताई। घरवालों ने कहा कि 13-14 साल से संविदा नौकरी कर रहे हो, हरिओम विश्वसनीय है तो अपना काम करवा लो। इसके बाद उसने लोको पायलट हरिओम से संपर्क किया।
तीन लोगों ने मिलकर दिए थे 12 लाख रुपए
पुलिस के अनुसार लोको पायलट हरिओम ने काशीराम से कहा था कि वह उनके उन रिश्तेदारों की भी नौकरी लगवा सकते हैं, जिन्होंने ग्रुप डी की परीक्षा दी है। यह बात हरिओम ने अपने रिश्तेदार हरिशंकर साहू व शैल साहू को बताई। ये दोनों भी पैसे देने के लिए राजी हो गए। तीनों ने मिलकर किश्तों में 12 लाख रुपए लोको पायलट हरिओम को दिए थे।
टूर एंड ट्रेवर्ल्स के कारण पहचान बताया
अफसरों के पास लोको पायलट हरिओम ने काशीराम को बताया था कि उसका श्री सांई कृपा टूर एण्ड ट्रेवर्ल्स है, जहां की गाड़ियां रेलवे के अधिकारियों के पास किराए में चलती है। इस वजह से अफसरों से उसकी अच्छी जान-पहचान है।
9 लाख का चेक हो गया था बाउंस
दो साल में नौकरी नहीं लगने पर काशीराम व अन्य ने पैसे वापस करने के लिए जब लोको पायलट पर दबाव बनाया, तो उसने 4 लाख व 5 लाख के दो चेक जारी किए। उसके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण ये चेक बैंक में बाउंस हो गए थे।
कोर्ट में जमा किए थे 5 लाख
चेक बाउंस होने के बाद काशीराम ने जब हरिओम से संपर्क किया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा काशीराम ने वकील के माध्यम से चेक का भुगतान कराने के लिए जिला कोर्ट में परिवाद पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश पर लोको पायलट ने पांच लाख रुपए कोर्ट में जमा कर दिया था।
इस आधार पर किया जुर्म दर्ज
पुलिस के अनुसार हरिओम वायरलेस कॉलोनी में रहता है और वैशाली रेसीडेंसी में थर्ड फ्लोर का फ्लेट क्रमांक 404 भी उसी का है। एसपी कार्यालय से आई शिकायत की जांच के दौरान शिकायतकर्ता व दो अन्य से बयान लिया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से जमा मैसेज, काल डिटेल, पैसा रिटर्न का स्टेट बैंक का चेक की जांच की गई और इसी आधार पर आरोपी लोको पायलट हरिओम के खिलाफ धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज किया गया।

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