बीमार अटल जी को पूछा नहीं, अब उनके नाम पर कॉलेज, नगर, मूर्तियां ? इस अपव्‍यय से उनकी आत्‍मा को पीड़ा होगी-रे

0
1010
रायपुर। कैबिनेट की बैठक मंगलवार को हुई सीएम डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि अब नया रायपुर, बिलासपुर की युनिवर्सिटी, राजनांदगांव का मेडिकल कॉलेज स्‍व अटल बिहारी वाजपेयी के नाम होंगे। रायपुर में एक्‍सप्रेस वे, ऑक्‍सीजोन का भी अटल नामकरण होगा। 27 जिलों में मूर्ति लगेगी। बच्‍चों की किताबों में अटल होंगे। विकास यात्रा फेस टू का नाम भी अटल जी पर होगा। 5 एकड़ में स्‍मारक बनेगा। 25 दिसंबर को बड़ा कार्यक्रम होगा, राज्‍योत्‍सव में उनके नाम अवॉर्ड दिया जाएगा।
इस फैसले पर तरह-तरह कि प्रतिक्रियांए आ रही है। सियासी और प्रशासनिक मामलों में बेबाक राय रखने वाले प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव रिटायर्ड आईएएस अधिकारी बीकेएस रे ने भी The Voices से अपने मन की बात साझा की।
ब्‍यूरोक्रेसी-राजनीति पर पकड़ रखने वाले रे जो सोचते हैं उन्‍हीं के शब्‍दों में-
“अटल जी के घर मैं दो बार गया था अपनी लिखी किताबें भी दी थी, घर में 2 घंटे 20 मिनट तक बातें की। मैं उनकी विचारधारा से मैं प्रभावित हूं, मैं रोने लगा जब उनकी मौत की खबर आई। अटल जी के प्रति श्रद्धांजलि देना अलग है और राजनीतिक रोटी सेकना अलग।
काफी लोगों ने कहा कि अटल जी इतने दिन बीमार रहे, इतने बड़े-बड़े नेता जो आज अटज जी का राजनीतिक इस्‍तेमाल कर रहे हैं कभी उनके बंगले जाने का कष्‍ट नहीं किया। सेकंडली जो हमारे यहां का राज्‍योत्‍सव होता है उसमें अटल जी का फोटो नाम नहीं होता कभी। बीजेपी के कैंपेन में भी अटल जी के नाम का जिक्र नहीं था, शायद लोगों में फीलिंग थी कि मोदी और अटल के संबंध ठीक नहीं।
अटल जी के साथ बीकेएस रे
श्रद्धांजलि देने की सीमा होती है और इस सीमा का जब अतिक्रमण होता तो लगता है कि राजनीतिक फायदे के चापलूसी के अलावा कुछ नहीं हो रहा। इसके प्रभाव विपरित पड़ते हैं। अटल जी अदभुत व्‍यक्‍ति‍ रहे वैसा इंसान दोबारा आएगा मुझे संदेह है।
नेता जो भजन गा रहे हैं मूर्ति लाएंगे, ये होगा वो होगा, अटल जी क्‍या ये सब चाहते थे, उनकी आत्‍मा को पीड़़ा होगी अगर ऐसा अपव्‍यव होगा उनके नाम पर तो दायरे में रहकर श्रद्धांजलि देना ठीक है, लोग इसे स्‍वीकार करेंगे
दो चार लोगों ने कहा कि अटल जी का सहारा लेकर ये कैंपेन चलाना चाह रहे हैं। मोदी का प्रभाव घट रहा है बीजेपी में भय है कि दोबारा मोदी का नाम लेकर शायद ही वोट मिले। तो अटल जी का नाम लेकर आने वाले चुनावों में प्रोजेक्‍ट कर रहे हैं जैसे दीनदयाल को किया। खैर दायरे में रह कर अटल जी को याद करें तो अच्‍छा होगा।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.