पीएससी में परचम लहरा, बस्तर की प्रीति ने खींची कामयाबी की बड़ी लकीर

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पवन दुर्गम

बीजापुर. लाल लकीर की वजह से दुनियाभर में पहचाने जाने वाले बस्तर की एक लड़की ने अपनी मेहनत से सफलता की एक लंबी लकीर खींच दी है. बीजापुर की प्रीति दुर्गम ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की कठिन परीक्षा में हिस्सा लेते हुए 33 वां रैंक हांसिल किया है.

प्रीति उन लोगों के लिए भी मिसाल है जो कभी बस्तर को पिछड़ा बताकर तो कभी संसाधनों का रोना रोकर अपने सपनों की तिलांजलि दे देते हैं.

धुर नक्सल प्रभावित उसूर की है प्रीति

प्रीति, दक्षिण बस्तर में बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित गांव उसूर की रहने वाली है. अपने पिता को अपना आदर्श मानने वाली प्रीति के पिता नागेश्वर दुर्गम पेशे से शिक्षक हैं और वर्तमान में बीजापुर जनपद के स्कूल में पदस्थ हैं.

राह में दिक्कतें भी कम नहीं थी

पढ़ने लिखने में बचपन से ही आगे रहने वाली प्रीति ने कंप्यूटर साइंस की ब्रांच लेकर इंजीनियरिंग की है. अपने पिता के सपनों को साकार कर बस्तर के युवाओं के लिए एक आइडल बनने वाली प्रीति ने तमाम दिक्कतों के साथ मेहनत की. धुन की पक्की प्रीति ने चौथे प्रयास में पीएससी में 33 वीं ओव्हर आल रैंकिंग हांसिल की है.

प्रीति को मिली सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है. बड़े बड़े मंत्रियों और अधिकारियों से लेकर दोस्तों और रिश्तेदारों ने भी प्रीति को उसकी सफलता पर मुबारकबाद दी है.

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