• 26 अप्रैल को हार के बाद बढ़ी दोनों के बीच दूरियां 
  • दोनों के बीच नोकझोंक का असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ रहा 
इंदौर। किंग्स इलेवन पंजाब के लिए आईपीएल-2018 में इन दिनों कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। एक तरफ जहां, टीम छोटे लक्ष्य को पीछा करने में नाकाम साबित हो रही है और प्ले-ऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं हार का असर टीम के अंदर देखने को मिल रहा है।
टीम के मेंटर और पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग और किंग्स इलेवन पंजाब फ्रेंचाइजी की सह-मालकिन प्रीति जिंटा के बीच टकराव ने टीम की मुश्किलों को और बढ़ा दी है। 26 अप्रैल को जयपुर में राजस्थान से हारने के बाद दोनों के बीच का मनमुटाव मैदान पर भी नजर आया था।
दोनों के बीच नोकझोंक का असर टीम के इंदौर पहुंचने के बाद भी रहा। एसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सहवाग अगले सीजन में पंजाब का साथ छोड़ सकते हैं
पंजाब टीम से जुड़े सूत्रों की मानें प्रीति और सहवाग के मध्य चल रही तनातनी का असर टीम के साथ ही खिलाड़ियों पर भी दिखाई देने लगा है। दोंनों के बीच चल रहे विवाद से सभी खिलाड़ी चिंतित हैं। इसका असर उनके खेल पर नजर आ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि जल्द ही सबकुछ ठीक नहीं हुआ तो ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सहवाग अगले साथ टीम का साथ छोड़ सकते हैं। पंजाब ने आईपीएल-11 का आगाज धमाकेदार किया था। लेकिन अपने विजय को बरकरार नहीं रख पाए। जिस कारण से मेंटर वीरेंद्र सहवाग और प्रीति जिंटा में तल्खी बढ़ गई है।
प्रीति जहां टीम के गिरने प्रदर्शन से नाराज हैं। वहीं सहवाग प्रीति द्वारा टीम के गेम प्लानिंग में लगातार दखल से खफा हैं। 8 मई को हुए मैच में राजस्थान रॉयल्स से मिली हार के बाद सहवाग और प्रीति के मध्य मैदान पर जमकर बहस हुई थी।
इसके बाद सहवाग ने टीम के अन्य मालिकों और प्रबंधन को स्पष्ट कह दिया है कि यदि प्रीति इसी तरह टीम के गेम प्लान में दखल देती रहीं तो वे इन परिस्थितियों में काम नहीं कर पाएंगे।
12 मई को होने वाले मैच में दिख सकता है असर
जानकारी के अनुसार  प्रीति और वीरेंद्र में ना के बराबर बात हो रही है। दोनों एक-दूसरे से कटे-कटे हैं। जयपुर के बाद 12 मई को इंदौर में होने वाले मैच पर भी इसका असर दिख सकता है। मैच के लिए पंजाब की टीम बुधवार को ही इंदौर पहुंच गई थी। इंदौर पहुंचने के बाद भी सहवाग और प्रीति में किसी तरह की कोई बात नहीं हुई है।

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