रायपुर। भीमा कोरगांव मामले में पकड़े गए आरोपियों और सबूतों के कनेक्श़न जोड़ने के लिए आज देशभर में पुलिस ने कई छापेमारियां की हैं। पुलिस की ये कार्रवाई देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे मानव अधिकार, नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के अलावा पत्रकारों, कवियों के ठिकानों पर पड़े हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले सुबह के 6 बजे झारखंड की राजधानी रांची में महाराष्ट्र पुलिस ने आदिवासी भूमि अधिकारों के लिए चलाए जा रहे आंदोलन ‘पत्थलगड़ी’ से जुड़े स्टैन स्वामी के निवास पर छापा मारा। पुलिस ने उनके घर से कम्प्यूटर, लैपटॉप, सीडी, कागजात और किताबें अपने कब्जे में ली। महाराष्ट्र पुलिस ने उनसे महाराष्ट्र में सक्रिय कुछ संगठनों के बारे में पूछताछ भी की।

शिक्षक, वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज को आज सुबह पुलिस ने दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। सुधा पर धारा 153-ए, 505, 117 और 120 के तहत मुकदमा कायम किया गया है।

मानवाधिकार संगठन पीयूडीआर के पदाधिकारी परमजीत के अनुसार पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव मामले में पहले से गिरफ्तार अरूण फरेरा के पुणे स्थित घर पर छापेमारी की है। सुसान अब्राहम और वेरॉन गोंजाल्विस के मुंबई स्थित आवास पर पुलिस ने छापा मारा है। दिल्ली में मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और गोवा में आईआईटी प्रोफेसर और लेखक आनंद तेलतुबड़े के आवास पर भी पुलिस ने छापेमारी की है।

माओवादी संबंधों के मामलों में चर्चित जनकवि आंध्र प्रदेश के वरवरा राव, नसीम और क्रांति टेकुला के हैदाराबाद स्थित आवास, वरवरा राव की बेटी अनाला के घर और पत्रकार कुरमनात के यहां भी छापामार कार्रवाई की गई है।

ऐसा समझा जा रहा है कि इन सभी छापेमारियों का संबंध भीमा कोरेगांव मामलों से हैं। सुसान अब्राहम और अरुण फरेरा भीमा कोरेगांव मामले के आरोपियों की बीते जनवरी से पैरोकारी कर रहे थे। खबर है कि इन छापेमारी और गिरफ्तारियों से भीमा कोरेगांव मामले में हो चुकी गिरफ्तारियों और जांच एजेंसियों को मिले सबूतों के बीच संबंध तलाशने की कोशिश की जा रही हैं।

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