लावा नदी में 7 करोड़ की लागत से बने एनीकट की गार्डवाल बही, छह महीने पहले हुई थी तैयार 

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तनवीर आलम 
जशपुरनगर। जिला मुख्यालय की 30 हजार जनता को पेयजल मुहैया कराने के लिए 7.29 करोड़ की लागत से डूमरटोली लावा नदी पर बनाया गया एनीकट गार्डवाल बह गया है। छह महीने पहले ही इसे बनाया गया था। एनीकट के बहने से जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की पोल खुल गई है।
साल 2017 में जुलाई महीने भी बारिश में एनीकट बह गया था। हंगामा होने और मामले की जानकारी जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल तक पहुंचने के बाद डेढ़ करोड़ की सौगात देकर दोबारा काम कराया गया। डेढ़ करोड़ की लागत से बनाया गया एनीकट का गार्डवाल इस बारिश में बिस्किट की तरह धरासाई हो गया है।
मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए लावा नदी में बनाया गया गार्डवाल इस बारिश में टूटकर बह रहा है। करोड़ों की लागत से बना एनीकट को सुरक्षित रखने के लिए इंजीनियरों ने अपनी निगरानी में ठेकेदारों से गार्डवाल का निर्माण तो कराया लेकिन वह भी पूर्व की तरह ही गुणवत्ताहीन निर्माण का पोल खोल चुकी है। इसके बहने से 29 साल जशपुरवासियों को बगैर किसी दिक्कत के पेयजल मुहैया कराने का सपना अधूरा ही रह जाएगा।
बगैर सरिया का गार्डवाल
लावा एनीकट में टूटे हुए गार्डवाल से गुणवत्ता की पूरी पोल खुलकर सामने आ गई है। टूटे गार्डवाल में सरिया आसानी से दिखाई ही नहीं दे रहा है। ढूंढऩे पर 12 फीट से भी अधिक ऊंचे गार्डवाल में सिर्फ दो ही सरिया दिखाई दे रहे हैं। सरिया का पर्याप्त उपयोग किया गया होता तो यह नौबत नहीं आती।
दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
मामले में संसाधन विभाग के ईई डीआर दर्रो ने कहा कि ये काम अधूरा था। ठेकेदार को काम रोकने के लिए कहा गया था, पर उन्होंने काम पूरा कर दिया। दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी।

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