नगर घड़ी बंद, चलती भी थी तो कभी आधा घंटा आगे तो कभी पीछे

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By Punesh Yadav
कांकेर। शहर के पुराना नाका पर लाखों रुपये खर्च कर बनाई विशाल नगर घड़ी कई दिनों से बन्द है। पहले  तो नगर घड़ी समय से आधा घंटा आगे चल रहा था तो कभी आधा घंटा पीछे। जिसके कारण लोगो में दिक्कत हो रही थी पर अब तो पिछले कई दिनों से घड़ी ही बंद है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहले इस जगह को पुराना नाका के नाम से जाना जाता था। लाखों रूपये के खर्च से विशाल घड़ी बनाया गया तब से इस जगह को घड़ी चौक के नाम से जाना जाता है।
नगर घड़ी बंद होने के कारण इसके निर्माण में लाखों खर्च पर सवाल उठने लगा है। जिसमें दो घड़ी लगे हुये है और दोनो के दोनो बंद है। लोगों का कहना है कि बंद घड़ी अशुभ संकेत होती है। बंद घड़ी किसी भी घर में हो या किसी स्थान पर हो वास्तु के हिसाब से सही नही होता है। यह व्यवधान और अवरोध का प्रतीक करती है । जब लाखों रूपये की लागत से नगर घड़ी का निमार्ण किया गया है और घड़ी बंद है तो नगरपालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि घडी बार-बार खराब न हो सही ढंग से चले। जिससे इसके निर्माण का औचित्य पूर्ण हो सके। इस बारे में मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि नगर की घडी बार बार ख़राब हो रही है जिसे पहले भी सुधरवाया गया था। मेकैनिक बाहर से बुलवाने के कारण नगर घड़ी को बनाने में समय लग जाता है । जिसे बुलवाकर ठीक कराया जायेगा ।

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