ताड़मेटला के गवाहों ने बोला नंदिनी आतीं थी चावल की बोरियां लेकर

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ऋषि भटनागर

जगदलपुर. जगदलपुर के कमिश्नर कार्यालय में आज टी.एम.टी.डी. जांच आयोग की सुनवाई हुई. वर्ष 2011 में सुकमा जिले के ताड़मेटला, मोरपल्ली और तिम्मापुरम् में ग्रामीणों के घरों में की गई आगजनी मामले की जाँच के लिये राज्य सरकार ने टी.एम.टी.डी. जांच आयोग का गठन किया था. टी.एम.टी.डी. जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस टी.पी. शर्मा के सामने आज मामले से जुड़े तीन गवाहों ने अपने बयान दर्ज करवाये.

अप्रेल २०११ में हुआ था अग्निकाण्ड

सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित गांव ताड़मेटला, मोरपल्ली व तिम्मापुरम मे अप्रेल 2011 को आगजनी की घटना हुई थी. इस आगजनी में तीनों गांवो के ग्रामीणों  के लगभग  300 घरों को जला दिया गया था. आगजनी की इस घटना के बाद एक पक्ष ने घरों में आग लगाने का आरोप नक्सलियों पर लगाया वहीँ एक दूसरे पक्ष ने सुरक्षाबलों के जवानों को इस अग्निकाण्ड का जिम्मेदार ठहराया.घटना की सच्चाई सामने लाने के लिये घटना के तीन महीने बाद जुलाई 2011 में छत्तीसगढ़ सरकार ने जाँच के लिये हाईकोर्ट के जस्टिस टी.पी.शर्मा. की अध्यक्षता में टी.एम.टी.डी. जाँच आयोग का गठन कर दिया.

स्वामी अग्निवेश, एस.आर.पी. कल्लूरी समेत 100 से ज्यादा के बयान दर्ज हो चुके हैं

अब तक इस मामले से जुड़े कुल 185 से अधिक गवाहों ने अपने बयान दर्ज करवाये हैं. गवाहों में स्वामी अग्निवेश, दंतेवाडा के तत्कालीन डीआईजी एसआरपी कल्लूरी समेत करीब 100 पीड़ित शामिल हैं. जगदलपुर के कमिश्नर कार्यालय स्थित आयोग के दफ्तर में आज की गयी सुनवाई में 22 जुलाई से केन्द्रीय जेल जगदलपुर मे बंद नक्सल मामलों के तीन विचाराधीन बंदीयो के बयान दर्ज किये गये. तीनो बंदियो ने अपने बयान मे घटना की आपबीती बताई और घटना में अपने भी मकान जला दिए जाने की बात कही.

नंदिनी सुंदर ट्रैक्टर में चावल की बोरियां लेकर गाँव आती थी

तीनों गवाहों कवासीमुचाकी नंदा और माड़वी कोसा ने आयोग को दिए गए अपने बयान में समाजसेवी नंदिनी सुंदर के गांव में आने का जिक्र किया. शासकीय अधिवक्ता संजय शुक्ला ने बताया कि एक गवाह कवासी के मुताबिक समाजसेवी नंदिनी सुंदर ट्रैक्टर में चावल की बोरियां लेकर गाँव आती थी. चांवल का वितरण ग्रामीणों में किया जाता था. आयोग की ओर से ताड़मेटला काण्ड से जुड़े अन्य 15 लोगों को भी नोटिस जारी किया गया था. किसी कारणवश ये 15 गवाह आज आयोग के समक्ष पेश नही हो पाये. टी.एम.टी.डी. जाँच आयोग ने अगली सुनवाई 4 नंवबर को रखी है. आज की सुनवाई के बाद भी ताड़मेटला के 116 और तिम्मापुर के 52 लोगों की गवाही होनी शेष है.

 

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