नई दिल्ली। देश में बैकिंग व्यवस्था लगातार सवालों में घिरती जा रही है। नित नए बैंक फ्राड के मामले उजागर हो रहे हैं। अब हैदराबाद के फर्म टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा 8 बैंकों के साथ 1394.43 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कंस्ट्रक्शन के कारोबार से जुड़ी टोटेम देश की दिग्गज कंपनियों जैसे एलएंडटी, इरकॉन इंटरनैशनल, आरआईटीईएस के लिए सबकॉन्ट्रैक्ट पर भी काम कर करती थी।

टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके प्रमोटर टोटमपुदी सलालिथ और टोटेमपुदी कविता के नाम सीबीआई की  एफआईआर में दर्ज हैं। सीबीआई ने कंपनी के प्रमोटर को नए बदले हुए ठिकानों में खोजा लेकिन वे नहीं मिले। इनके खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है जिससे वे वह देश छोड़कर ना जा सके।

यूनियन बैंक इंडिया (यूबीआई) की इंडस्ट्रियल फाइनेंस शाखा ने सीबीआई से शिकायत है कि इस कंपनी ने बैंक के साथ 303.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। केस के अनुसार कंसोर्टियम के जरिए यूबीआई की अनुवाई में 8 बैंको से कर्ज लिया गया। इस तरह बैंकों की कंसोर्टियम राशि 1394.43 करोड़ हो गई है। कर्ज देने वाले बैंकों का आरोप है कि टोटेम इंफ्रास्ट्रक्टर के प्रमोटर ने जिन परियोजनाओं के लिए कर्ज लिया था, पैसे वहां लगाने के बजाए दूसरे उद्देश्यों की पूर्ति और प्रमोटरों के व्यक्तिगत खातों में जमा करने में इस्तेमाल किया।

विदित हो कि एक महीना पहले मुंबई के मेहुल चौकसी और नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को करीब 12 हजार करोड़ से अधिक का चूना लगाया। उसके बाद कानपुर के रोटोमैट पैन के विक्रम कोठारी पर करीब 3695 करोड़ के बैंक ऋण और कथित हेराफेरी का आरोप लगा। 3 दिन पहले चेन्नई के ज्वेलर कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने स्टेट बैंक सहित 14 बैंकों को 824 करोड़ रुपए जब चूना लगाया।

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