प्रकाश बजाज को दी गयी धमकी में “आका” का इस्तेमाल किसके लिए किया गया था

0
25

रायपुर. रायपुर के आई.जी. प्रदीप गुप्ता और एस.पी. संजीव शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में सी.डी. काण्ड और पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी से जुड़े पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है. आई.जी. प्रदीप गुप्ता ने बताया है गुरूवार को प्रकाश बजाज नाम के एक व्यक्ति ने पंडरी थाने में पिछले तीन-चार दिन से उसके लैंड लाइन फ़ोन पर धमकी भरे कॉल आने की शिकायत की थी.

प्रकाश बजाज ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उसे लगातार धमकाया जा रहा था कि “तुम्हारे आका की अश्लील सीडी बन रही है. अगर अपने आका की इज्जत बचाना चाहते हो तो तुरंत मिलने आओ और बातचीत करो. अगर जानना चाहते ये सी.डी. किस दुकान में बन रही है तो इस पते में आकर पता कर सकते हो.”

रायपुर आई.जी. प्रदीप गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि शिकायतकर्ता को फ़ोन कॉल दिल्ली से आ रही थी और फ़ोन पर बताये गए दुकान का पता भी दिल्ली का ही था. चैन स्नेचिंग के एक मामले की जांच के लिए पहले से ही दिल्ली में मौजूद छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम को इस मामले की जांच का जिम्मा भी सौंपा गया.

छत्तीसगढ़ पुलिस की दिल्ली में मौजूद टीम ने जब शिकायत में बताये पते पर पड़ताल की तो सी.डी. राइट करने वाले दूकान का पता चला. इस दुकानदार ने ही पुलिस को बताया कि विनोद वर्मा उससे एक सी.डी. की एक हजार कॉपी करवाने आया था. दुकानदार के पास से मिले मोबाइल नंबर और पते के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम गाजियाबाद के इंदरापुरम पहुंची और फिर विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई. हांलाकि पुलिस ने आपत्तिजनक सी.डी. की कापियां बनाने वाले दुकानदार को गिरफ्तार नही किया है.

छत्तीसगढ़ पुलिस अब तक यह तय नही कर पाई है कि “प्रकाश बजाज को दी गयी कथित धमकी में आका शब्द का इस्तेमाल किसके लिए किया गया था.” राज्य की पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शिकायतकर्ता को धमकी देने वाली कॉल पत्रकार विनोद वर्मा की ही थी.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.